नई शिक्षा नीति 2025: हर स्टूडेंट और पैरेंट को जाननी चाहिए ये बातें – जानिए विस्तृत जानकारी

नमस्ते दोस्तों

भारत की शिक्षा व्यवस्था हमेशा ही कमजोर बनी रही है जिसके कारण से वह हर समय चर्चा का विषय बनते आ रही है जब पुराने वक्त में गुरुकुल थे शिक्षा का तरीका हमेशा वक्त के साथ बदलता आया है – कभी अंग्रेजों का मैकाले सिस्टम चला, तो कभी किताबों और ब्लैकबोर्ड का दौर रहा। अब जब हम डिजिटल जमाने में पहुँच चुके हैं, तो 2025 की नई शिक्षा नीति एक और बड़ा बदलाव लेकर आई है। अब जो 2025 में नहीं शिक्षा नीति लागू हुई है वे छात्रों उनके अभिभावक और शिक्षक सभी के सभी में बड़े बदलाव लाने का एक बहुत बढ़िया रास्ता है जो आने वाले समय को उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर करेगा।

सरकार द्वारा जो नई शिक्षा नीति निकल गई है वह उन्हें केवल पढ़ने के तरीकों में बदलाव लाएगा उसके साथ ही सोने उसको समझने उसको प्रयोग मिलने उसका उपयोग करने में भी बहुत बड़ा अपना योगदान निभयगी।

1.पुरानी शिक्षा प्रणाली की दिक्कतें

हमारे प्यारे भारत की शिक्षा व्यवस्था पुराने समय की कई दशकों से रटने और केवल परीक्षा पास करने के आधार पर ही चलती आ रही है जो की शिक्षा प्रणाली के लिए एक बहुत बड़ा धब्बा बनके उभरा है :-

  • जिसके कारण से छात्र और छात्र ज्ञान को ग्रहण करने से ज्यादा अपने अंग लाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे थे
  • केवल किताबी ज्ञान के कारण अभ्यर्थियों को प्रैक्टिकल नॉलेज की बहुत कम जानकारी थी जो बहुत बड़ी समस्या बन गई
  • स्किल सीखने पर बहुत कम जानकारी देना जिससे कि सभी किताबें कीड़ा बन गई और स्किल किसी के हाथ में ना आई

इन सभी कमियो को मध्य नजर रखते हुए शिक्षा प्रणाली में बहुत बड़ा बदलाव किया गया और NEP 2020 बनाया गया जिसको 2025 में सुधार कर पूरी तरह से लागू किया गया

2. NEP 2025 की मुख्य बातें

भारत सरकार की नई शिक्षा नीति 2025 में अभ्यर्थीयो को आधुनिक युग से जोड़ना और प्रैक्टिकल व स्किल base एजुकेशन देने को मुख्य केंद्र बनाया गया है इसे कुछ बिंदु निम्नलिखित हैं:-

1. स्कूल लेवल मे बदलाव

  • 5+3+3+4 स्ट्रक्चर (5 साल प्राइमरी शिक्षा, 3 साल मिडिल शिक्षा, 3 साल सेकेंडरी शिक्षा, 4 साल सीनियर शिक्षा) को अपनाया गया
  • नई शिक्षा नीति 2025 में बच्चों को अब सिर्फ़ किताबों तक नहीं बाँधा जाएगा। शुरुआत से ही coding, arts और vocational subjects पढ़ाए जाएँगे, ताकि पढ़ाई बोझ नहीं बल्कि मज़ेदार और practically useful लगे।
  • छोटे बच्चों के लिए माता की तरह पढ़ाई जाने वाली महिलाओं को हायर किया जाएगा

2. Higher Education सिस्टम में बदलाव

  • अब इस सिस्टम मे multiple entry-exit system है। मित्रो यानी अगर कोई छात्र 1 साल पढ़ाई करने पढ़ाई छोड़ देता है तो उसे सर्टिफिकेट दिया जाएगा और 2 साल पढ़ाई करने के बाद पढ़ाई छोड़ता है तो उसे डिप्लोमा दिया जाएगा एवं वे तीन-चार साल पूरी पढ़ाई करता है तो उसे डिग्री दी जाएगी यह बहुत ही अच्छा निर्णय है ।
  • जिस तरह पहले 10th के बाद स्टूडेंट को आर्ट्स साइंस और कॉमर्स में से किसी एक विषय को चुनना पड़ता था अब वह सिस्टम नहीं रहा अभी स्टूडेंट अपने हिसाब से अपने मनपसंद विषय का चयन करके आगे बढ़ाई को जारी रख सकता है। 

3. Skill Development अब शिक्षा मे

  • नई शिक्षा प्रणाली के तहत किताबो में कुछ नए विषय शामिल किए गए हैं जो निम्नलिखित है :- Digital skills,Entrepreneurship, AI, Data Science etc. 
  • इसके साथ-साथ ही इंटर्नशिप और रियल लाइफ प्रोजेक्ट का कोर्स भी इसके विषय में शामिल किया गया। 

4. Exams के तरीके में बदलाव

  • जिस तरह पहले केवल फाइनल एग्जाम की तैयारी करते थे और केवल फाइनल एग्जाम को मध्य नजर रख के स्टूडेंट पर जोर रखा जाता था और सिस्टम को हटाओ कर अब फाइनल  एग्जाम पर जोर नहीं रहेगा
  • Board exams को stress-free बनाने के लिए multiple attempts का option रखा गया है।

3. स्टूडेंट की ज़िंदगी में असली बदलाव

 1. Stress कम हो गया

अब केवल स्टूडेंट को एग्जाम पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है क्योंकि उसके साथ-साथ असाइनमेंट और प्रोजेक्ट भी उनकी परफॉर्मेस को और भी ज्यादा बेहतरीन बनाएंगे

 2.Interest-Based Learning पढ़ाई student की पसंद

पहले यह सिस्टम चला आ रहा था की जो स्टूडेंट arts लिया है वह maths और बायोलॉजी नहीं पड़ सकता जिसने math लिए वह कॉमर्स बायोलॉजी नहीं पड़ सकता और इसी तरह जिसे जो विषय लिए हुए केवल अपने विषय को पढ़ सकता है दूसरी विषय को नहीं पढ़ सकता इसको हटा दिया गया है अब स्टूडेंट अपनी इच्छा अनुसार अपने मन मुताबिक जो उसे अच्छा लगे वह विषय ले सकता है और आगे अध्ययन कर सकता है ताकि उसकी रुचि बनी रहे और अध्ययन में भी मन लगे और आगे जाकर उसके लिए सभी से मजबूत बने रहे किसी में हुए कमजोर नहीं रहे। 

 3. Practical Knowledge का आगमन

पहले जिस तरह स्टूडेंट को कोडिंग और ai के बारे में कुछ पता ही नहीं था उन्हें अब छोटी कक्षाओं से ही कोडिंग और ai की जानकारी दी जाएगी जिससे कि वह अपना अध्ययन पूरा करते समय तक नोकरी के लिए तैयार हो जाए ताकि उनका भविष्य उज्जवल बने।

 4. Global Opportunities भी मिली

नई शिक्षा नीति के तहत NEP 2025 में foreign universities को भारत में campus खोलने की अनुमति दी गई । इससे छात्रों को international quality education देश में ही मिल रहे है। व यह शिक्षा नीति बहुत ही बेहतरीन है। 

5. Rural Students का फायदा

Regional language में पढ़ाई और digital tools ने गाँव-कस्बे के बच्चों को भी बराबरी का मौका मिला हैं। 

4. Teachers और Parents  

  • पहले टीचर केवल सिलेबस को पूरा करने पर ध्यान देते थे अभी ऐसा नहीं है सिलेबस के साथ-साथ स्टूडेंट को coding प्रैक्टिकल जैसे कोर्स भी करने होंगे । 
  • पहले पेरेंट्स को अपने बच्चों को कुछ बनने पर फ्रेशर दिया जाता था but अब इस निति के बाद ऐसा नहीं है क्योंकि सरकार या नई शिक्षा नीति पहले से ही कुछ स्किल स्टूडेंट को सिखा के दे रही है जैसे वह अपनी भविष्य में जाकर कुछ कर सकते हैं और बरोजगार नही रहेंगे ।

5.चुनौतियाँ अभी भी बाक़ी

हालांकि NEP 2025 एक बहतरीन कदम है, लेकिन ground level पर कुछ challenges हैं जो नीछे दिए हुवे हैं :-

  • हर जगह digital ढांचा नहीं है। जो एक बड़ी दिक्क़त हैं|
  • नई शिक्षा निति में Teachers को training की ज़रूरत है।
  • Rural areas में उपकरणों की कमी है।

6.भविष्य की तस्वीर

अगर सही तरीके से इसका विकास हुआ तो NEP 2025 भारत को world’s leading knowledge hub बना सकता है। आने वाले 5-10 सालों में भारत के students global jobs, startups में lead करेंगे।

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