दुनिया अभी बहुत अचमंजस में फंसी हुई है क्योंकि विश्व भर की तीन महा शक्तियां बहुत बड़े और जटिल खेल में उलझी हुई है वह तीन महा शक्तियां हैं :- भारत अमेरिका और रूस
अमेरिका द्वारा हाल ही में ऐलान किया गया है कि वह भारत पर भारी Triff लगाएगा इस टैरिफ लगाने की मुख्य वजह भारत द्वारा रुस से तेल लेना है और उस पर भरोसा करना क्योंकि अमेरिका को कुछ ऐसा लगता है कि भारत द्वारा की गई खरीद रूस और उसकी आर्थिक व्यवस्था को बल दे रहा है।
जबकि भारत द्वारा अमेरिका को स्पष्ट रूप से कह दिया गया है कि वह अपने अपने हितों और जनता की हितों को प्राथमिकता देंगे

The world is currently in a state of confusion because three superpowers of the world are entangled in a very big and complex game. Those three superpowers are: India, America and Russia.
America has recently announced that it will impose a heavy tariff on India. The main reason for imposing this tariff is India’s purchase of oil from Russia and its reliance on it because America feels that the purchases made by India are strengthening Russia and its economic system.
While India has clearly told America that it will give priority to its own interests and the interests of the public.
रूस का कदम(Russia’s move)
अमेरिका द्वारा टेरिस की धमकी मिलने के बाद रूस ने भारत को जो कच्चा तेल दे रहे थे उसमें 5% अतिरिक्त छूट दी और उसके भुगतान करने की अवधि को कई गुना बढ़ा दिया।
इसी प्रकार के रूस द्वारा भारत को अनेक प्रकार के ऑफर दिए गए। जिससे कि अपने मित्रता और अपने व्यापार को सुरक्षित रख सके और रिश्तो में और भी ज्यादा गहराई ला सके ।

After receiving the TERIS threat from America, Russia gave an additional 5% discount on the crude oil it was supplying to India and also increased the payment period by two to three times.
Russia made many such offers to India so that it could protect its friendship and trade and deepen its relations.
विवाद मे चीन का आगमन (China enters the dispute)
भारत और अमेरिका के बीच चल रहे इस विवाद के अंदर एक नए देश की वापसी हुई जो चीन निकला पुराने समय से चल रही है भारत और चीन के विवादों को एक तरफ रखकर अब इन दोनों देशों के बीच एक नया दौर शुरू हो गया है ।

दोनों देश अब व्यापार और सीमा मुद्दों को सुलझाने में लगे हुए हैं जो की अमेरिका के लिए 0.0001% भी सही नहीं है क्योंकि भारत और चीन में मित्रता का मतलब है अमेरिका की रणनीति और राजनीति का तहस नहस हो जाना। इन दोनों के मित्रता अमेरिका के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।
In this ongoing dispute between India and America, a new country returned which turned out to be China. This dispute has been going on since ancient times. Keeping the disputes between India and China aside, a new era has begun between these two countries.
Both the countries are now engaged in solving the trade and border issues which is not even 0.0001% right for America because friendship between India and China means destruction of America’s strategy and politics. Friendship between these two is a huge setback for America.
अमेरिका के इस बर्ताव का असली इरादा(The real intention behind this behavior of America)
अमेरिका लिए राजनीति और रणनीति केवल टैरिफ लगाने और प्रतिबंध लगाने तक सीमित नहीं है इसके पीछे अमेरिका के इरादे बहुत बड़े हैं वह भारत से रूस पर दबाव बनना चाहते हैं कि वे यूक्रेन वार को रोक दे।
- अमेरिका की मंसा यह है की भारत अमेरिका के हिसाब से काम करें और विश्व भर में अमेरिका के कहे मुताबिक चले अमेरिका का पिल्ला बनकर रहे जो भारत को बिल्कुल मान्य नहीं है।
- जबकि रूस जाता है कि भारत और रूस के रिश्ते और भी मजबूत हो और भाईचारा यूं ही बना रहे इसीलिए रूस भारत को आर्थिक और आधुनिक हथियारों द्वारा भारत की मदद कर रहा है रूस अपने बड़े भाई होने का पूरा-पूरा कर्तव्य निभा रहा है।
- जबकि चीन कुछ ऐसा चाहता है कि भारत और चीन के रिश्ते संतुलित हो और दोनों मिलकर अमेरिका को सबक सिखाएं।

For America, politics and strategy are not just limited to imposing tariffs and sanctions. America’s intentions behind this are bigger. They want to pressurize Russia through India to stop the Ukraine war.
- America’s intention is that India should work according to America and should do as America says around the world and remain its puppet, which is not acceptable to India at all.
- While Russia wants that the relations between India and Russia should become stronger and the brotherhood should remain as it is, that is why Russia is helping India economically and with modern weapons. Russia is fulfilling its duty of being an elder brother.
- While China wants that the relations between India and China should be balanced and both of them should together teach America a lesson.
भारत के जवाब(India’s response)
भारत ने दुनिया को यह बता दिया है कि वह न अमेरिका के दबाव में रहेगा और नहीं रूस के वह अपनी इच्छा से अपने हितों के लिए कार्य करेगा और निर्णय लेगा ।
भारत किसी एक की तरफ झुकाव नहीं देखेगा वह मल्टी एलाइनमेंट की तरह काम करेगा जिसमें वह अपने हित के अनुसार अपने निर्णय के बल पर सभी के साथ काम करेगा और सभी का सहयोग लगा और सभी को सहयोग देगा ने किसी पर निर्भर रहेगा ।

India has told the world that it will neither be under the pressure of America nor Russia, it will work and take decisions for its own interests as per its own will.
India will not look for any inclination towards any one person, it will work like a multi-alignment in which it will work with everyone on the basis of its own decision as per its own interest and will seek cooperation from all and will give cooperation to all and will not be dependent on anyone.